भारत का राष्ट्रीय पक्षी मयूर है । इसका एक अन्य नाम पावो क्रिस्तेतस है ।
बड़ा ही प्यारा पक्षी है - इसकी गर्दन लम्बी व सर पर पंखे के आकार की कलगी होती है ।
Friday, February 27, 2009
Thursday, February 26, 2009
उस्ताद जाकिर हुसैन ने हमें फ़िर मुस्कुराने का मौका दिया है .....
जाकिर हुसैन को पहली बार मैंने टेलीविजन पर देखा था जब पांचवी क्लाश का छात्र था । तबला बजाते हुए उनके बाल लहरा रहे थे । अब उनको ग्रैमी एवार्ड प्राप्त कराने पर वही पुराना दृश्य जेहन में उभर आया .....
* हुसैन समकालीन विश्व संगीत आंदोलन के सूत्रधारों में एक माने जाते हैं। उन्होंने दुनिया के कुछ अग्रणी संगीतकारों के साथ मिलकर संगीत को जनसाधारण में लोकप्रिय बनाने का अभियान चलाया है......
* उन्होंने तबला वादन को विश्व में एक नई पहचान दिलाई है। यह भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है ।
* जाकिर हुसैन को यह एवार्ड 'ग्लोबल ड्रम' प्रॉजेक्ट के लिए मिकी हार्ट, सिकिरु अदिपोजु और गिओवानी हिडाल्गो के साथ मिला है ।
* अपने तबले से स्वर निकालने के लिए अनेक देशों में बजाए जाने वाले ड्रमों की थापों को भी अपनाया है ।
* उन्होंने रविशंकर से लेकर बिस्मिल्लाह खान और अमजद अली खान जैसे महान कलाकारों के साथ संगत की है।
* उन्हें तबला वादन का प्रशिक्षण अपने पिता प्रसिद्ध तबलावादक उस्ताद अल्लरक्खा से मिला है ।
* वह पद्मश्री और पद्मभूषण पाने वाले सबसे कम उम्र के वादक है ।
इस उपलब्धि के सही अधिकारी उस्ताद साहब ही है .....अभी सफर जारी है , हम उम्मीद करते है की आगे भी वे भारत का नाम रौशन करते रहेगे ।
* हुसैन समकालीन विश्व संगीत आंदोलन के सूत्रधारों में एक माने जाते हैं। उन्होंने दुनिया के कुछ अग्रणी संगीतकारों के साथ मिलकर संगीत को जनसाधारण में लोकप्रिय बनाने का अभियान चलाया है......
* उन्होंने तबला वादन को विश्व में एक नई पहचान दिलाई है। यह भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है ।
* जाकिर हुसैन को यह एवार्ड 'ग्लोबल ड्रम' प्रॉजेक्ट के लिए मिकी हार्ट, सिकिरु अदिपोजु और गिओवानी हिडाल्गो के साथ मिला है ।
* अपने तबले से स्वर निकालने के लिए अनेक देशों में बजाए जाने वाले ड्रमों की थापों को भी अपनाया है ।
* उन्होंने रविशंकर से लेकर बिस्मिल्लाह खान और अमजद अली खान जैसे महान कलाकारों के साथ संगत की है।
* उन्हें तबला वादन का प्रशिक्षण अपने पिता प्रसिद्ध तबलावादक उस्ताद अल्लरक्खा से मिला है ।
* वह पद्मश्री और पद्मभूषण पाने वाले सबसे कम उम्र के वादक है ।
इस उपलब्धि के सही अधिकारी उस्ताद साहब ही है .....अभी सफर जारी है , हम उम्मीद करते है की आगे भी वे भारत का नाम रौशन करते रहेगे ।
Monday, February 23, 2009
भारत में बाल विवाह ......
यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार .........
* भारत में दुनिया के ४० परसेंट बाल विवाह होते है ।
* ४९ परसेंट लड़कियों का विवाह १८ वर्ष से कम आयु में ही हो जाता है ।
* लिंगभेद और अशिक्षा का ये सबसे बड़ा कारण है ।
* राजस्थान ,बिहार ,मध्य प्रदेश ,उत्तर प्रदेश और प बंगाल में सबसे ख़राब स्थिति है ।
* यूनिसेफ के अनुसार राजस्थान में ८२ परसेंट विवाह १८ साल से पहले ही हो जाते है ।
* १९७८ में संसद द्बारा बाल विवाह निवारण कानून पारित किया गया । इसमे विवाह की आयु लड़कियों के लिए
कम से कम १८ साल और लड़कों के लिए २१ साल निर्धारित किया गया ।
* भारत सरकार ने '' नेशनल प्लान फॉर चिल्ड्रेन २००५'' में २०१० तक बाल विवाह को पुरी तरह ख़त्म करने का
लक्ष्य रखा है ।
Sunday, February 22, 2009
अंग देश
*अंग देश की राजधानी चंपा थी ।
*महाभारत तथा पुराणों में चंपा का नाम मालिनी मिलता है ।
*दिघ्निकाय के अनुसार इस नगर के निर्माण की योजाना वास्तुकार महागोविन्द ने बनाई थी ।
*महाजनपद काल में यहाँ का शासक ब्रह्मदत था जिसने मगध के राजा भटीय को पराजित कर मगध का कुछ भाग जित लिया था ।
*महाभारत तथा पुराणों में चंपा का नाम मालिनी मिलता है ।
*दिघ्निकाय के अनुसार इस नगर के निर्माण की योजाना वास्तुकार महागोविन्द ने बनाई थी ।
*महाजनपद काल में यहाँ का शासक ब्रह्मदत था जिसने मगध के राजा भटीय को पराजित कर मगध का कुछ भाग जित लिया था ।
Saturday, February 21, 2009
दादा साहेब फाल्के
* भारत की पहली मूक फ़िल्म दादा साहेब फाल्के ने १९१३ में बनाई।
* उन्हें भारतीय सिनेमा का पितामह कहा जाता है ।
* २० सालों में उन्होंने ९५ फूल लेंथ की फिल्में और २६ शोर्ट लेंथ की फिल्में बनाई ।
* फिल्मों का निर्माण उनके लिए सिर्फ़ व्यवसाय नही था ... अपनी फिल्मों के प्रदर्शन के लिए
बैलगाडी से गाँव -गाँव घुमते थे ।
* १९३२ में उनकी अन्तिम मूक फ़िल्म '' सेतुबंधन '' रिलीज हुई ।
* १९३७ में उन्होंने अपनी आखिरी फ़िल्म ''गंगा अवतरण '' बनाई ।
* उन्हें भारतीय सिनेमा का पितामह कहा जाता है ।
* २० सालों में उन्होंने ९५ फूल लेंथ की फिल्में और २६ शोर्ट लेंथ की फिल्में बनाई ।
* फिल्मों का निर्माण उनके लिए सिर्फ़ व्यवसाय नही था ... अपनी फिल्मों के प्रदर्शन के लिए
बैलगाडी से गाँव -गाँव घुमते थे ।
* १९३२ में उनकी अन्तिम मूक फ़िल्म '' सेतुबंधन '' रिलीज हुई ।
* १९३७ में उन्होंने अपनी आखिरी फ़िल्म ''गंगा अवतरण '' बनाई ।
आर्टिकल 217
संविधान के आर्टिकल 217 में हाई कोर्ट जज को हटाने की व्याख्या है। नियमों के तहत किसी जज को हटाने के प्रस्ताव को पारित होने कोर्ट लिए संसद के दोनों सदनों में वोटिंग में उपस्थित सांसदों का दो तिहाई समर्थन होना जरूरी है। उसके बाद ही राष्ट्रपति संबद्ध जज को हटाने का आदेश जारी कर सकते है । इस आधार पर राज्यसभा के सदस्यों ने कोलकाता हाई कोर्ट के जज सौमित्र सेन पर महाभियोग लगाने की सिफारिश की है ।
संविधान के अनुसार हाई कोर्ट के किसी जज को हटाने के प्रस्ताव पर कम से कम 50 सांसदों के साइन होने चाहिए। अगर संसद महाभियोग पर विचार करती है तो यह किसी जज को हटाने का दूसरा प्रस्ताव होगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट जज वी. रामस्वामी के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया था। उन पर आरोप था कि जब वह पंजाब हाई कोर्ट के जज थे उस समय उन्होंने पद का दुरुपयोग किया था।लेकिन वह प्रस्ताव पास नही हो पाया था ।
संविधान के अनुसार हाई कोर्ट के किसी जज को हटाने के प्रस्ताव पर कम से कम 50 सांसदों के साइन होने चाहिए। अगर संसद महाभियोग पर विचार करती है तो यह किसी जज को हटाने का दूसरा प्रस्ताव होगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट जज वी. रामस्वामी के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया था। उन पर आरोप था कि जब वह पंजाब हाई कोर्ट के जज थे उस समय उन्होंने पद का दुरुपयोग किया था।लेकिन वह प्रस्ताव पास नही हो पाया था ।
Friday, February 20, 2009
उसकी हिम्मत को मेरा सलाम
आज मैंने एक रिक्शेवाले को देखा ....मेरा मन दहल गया । उसका एक हाथ कटा हुआ था । एक ही हाथ से रिक्शा चला रहा था । उसके हिम्मत को देखकर मै चकीत रह गया .....सोच रहा हूँ एक हाथ से रिक्शा चलाना कितना मुश्किल होगा । उसने बताया की शुरू में तो यह संभल ही नही रहा था लेकिन धीरे धीरे आदत हो गई और अब चला लेता हूँ ।
सोचता हूँ उसने बहुत हिम्मत का परीचय देते हुए यह रास्ता चुना है ...... वह चाहता तो भिखमंगों की क़तर में शामिल हो सकता था लेकिन उसने ऐसा नही किया । मैंने कुछ अधिक पैसे देने की कोशिश की पर असफल रहा ।
इस घटना ने मुझे झकझोर कर रख दिया है ...... शायद भविष्य में कभी निराश हो जाऊं तो उसका चेहरा जरुर याद करूँगा । उसके हिम्मत और खुद्दारी को सलाम करता हूँ ।
सोचता हूँ उसने बहुत हिम्मत का परीचय देते हुए यह रास्ता चुना है ...... वह चाहता तो भिखमंगों की क़तर में शामिल हो सकता था लेकिन उसने ऐसा नही किया । मैंने कुछ अधिक पैसे देने की कोशिश की पर असफल रहा ।
इस घटना ने मुझे झकझोर कर रख दिया है ...... शायद भविष्य में कभी निराश हो जाऊं तो उसका चेहरा जरुर याद करूँगा । उसके हिम्मत और खुद्दारी को सलाम करता हूँ ।
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