Tuesday, March 10, 2009

अंग प्रदर्शन का ज़माना .....और बिकनी


१९३१ में जब आलमआरा फ़िल्म रिलीज हुई थी तो पूरा शहर थिएटर के बाहर जमा हो गया था। यह बॉलिवुड की पहली बोलती फिल्म थी ही साथ ही हर कोई पर्दे पर फिल्म की हीरोइन जुबैदा की खूबसूरती देखना चाहता था। फिल्म की पब्लिसिटी में जुबैदा को दुनिया की सबसे खूबसूरत औरत कहकर प्रचारित किया गया था। सीमित साधनों से ही पब्लिसिटी के बावजूद जुबैदा लोगों के जेहन में बस गई। निर्माता ए. ईरानी ने पब्लिसिटी में फिल्म के हीरो विट्ठल और को-स्टार पृथ्वीराज कपूर तक को जगह नहीं दी। जुबैदा को फोकस करने का भरपूर फायदा मिला। इस थिएटर पर यह फिल्म 23 सप्ताह चली। हीरोइनों की सुंदरता के बहाने दर्शकों को खींचने का सिलसिला आज तक जारी है। पुराने जमाने में निर्माता-निर्देशक हैदराबाद और दिल्ली की बदनाम गलियों में हीरोइनें तलाशते घूमते थे। गुरुदत्त ने अपने 'चौदहवीं के चांद' वहीदा रहमान को ऐसे ही खाक छानकर ढूंढा था। दिल्ली की बेबी मेहरूनीसा को उसके अब्बा इस चाह में मुंबई ले गए थे कि फिल्मों में छोटी-मोटी भूमिकाएं करके जो रकम मिलेगी, उससे उनके लंबे-चौड़े परिवार को सहारा मिल जाएगा। बला की खूबसूरत मेहरूनीसा, मधुबाला बनकर शोहरत की बुलंदियों पर जा बैठी। नरगिस और मीना कुमारी ने भी उस मुश्किल दौर में हिम्मत और हुनर से अलग पहचान बनाई। हीरोइनों की बोल्ड इमेज की शुरुआत भी पचास-साठ के दशक में हुई, जब आर।के. बैनर की 'आवारा' में नरगिस ने स्विमिंग सूट पहना। नूतन जैसी गंभीर इमेज वाली अभिनेत्री भी फिल्म 'यादगार' में स्विमिंग सूट में नजर आई।
सात दशक पहले ग्लैमर इंडस्ट्री में सीधी-सादी साड़ी में नजर आने वाली मीना कुमारी, नरगिस, मधुबाला, वहीदा रहमान, माला सिन्हा, नंदा, साधना, वैजयंती माला, आशा पारिख जैसी हीरोइनों का ट्रेंड परवीन बॉबी और जीनत अमान जैसी नई सोच वाली बोल्ड हीरोइनों ने बदला। आज की हीरोइने बिकनी पहनने में या बोल्ड सिन करने में बहुत ही आगे बढ़ गई है । ऐसा लगता है की अश्लीलता की चरम स्थिति आ गई है । खैर यह ज़माना का ही प्रभाव है । हम जैसा देखना चाहते है वैसा ही फ़िल्म निर्माता परोसते है । आज जीरो साइज का ज़माना है .... अगर कोई हिरोइन इस रुल को फौलो नही कराती है तो उसका बालीवुड में टिकना मुश्किल है ।

2 comments:

shyam kori 'uday' said...

प्रभावशाली अभिव्यक्ति!!!

कुलवंत हैप्पी said...

सादगी से वाया ग्लैमर होते हुए अंग प्रदर्शन तक पहुंच गई..कलमबद्ध करने लिए धन्यवाद..