पकिस्तान के रावलपिंडी में तक्षशिला प्राचीनकाल में शिक्षा के प्रमुख केन्द्र के रूप में प्रसिद्ध था । बौध साहित्य के अनुसार धनुर्विद्या और वैद्य शिक्षा के लिए विश्वविख्यात इसी केन्द्र से चंदगुप्त मौर्य ने सैन्य शिक्षा ग्रहण की थी । इस नगर को जैन धर्म का तीर्थ स्थल भी कहा गया है ।'' पुरातन प्रबंध संग्रह'' में यहाँ के १०५ जैन स्थलों के बारे में जानकारी प्राप्त होती है । कौशल के राजा प्रसेनजित ,मगध का राजवैद जीवक ,प्रसिद्ध राजनितिज्ञ चाणक्य व बौध विद्वान् वसुबन्धु ने यहीं पर शिक्षा प्राप्त किया था । चीनी यात्री हुएनसांग के भारत आगमन के समय यह केन्द्र उजाड़ हो गया था । इसे विश्व का प्रथम विश्विद्यालय मन जाता है । तक्षशिला गंधार महाजनपद की राजधानी भी थी । इसे यूनेस्को ने विश्व विरासत की सूचि में भी शामिल किया है ।
Monday, September 21, 2009
तक्षशिला ....
पकिस्तान के रावलपिंडी में तक्षशिला प्राचीनकाल में शिक्षा के प्रमुख केन्द्र के रूप में प्रसिद्ध था । बौध साहित्य के अनुसार धनुर्विद्या और वैद्य शिक्षा के लिए विश्वविख्यात इसी केन्द्र से चंदगुप्त मौर्य ने सैन्य शिक्षा ग्रहण की थी । इस नगर को जैन धर्म का तीर्थ स्थल भी कहा गया है ।'' पुरातन प्रबंध संग्रह'' में यहाँ के १०५ जैन स्थलों के बारे में जानकारी प्राप्त होती है । कौशल के राजा प्रसेनजित ,मगध का राजवैद जीवक ,प्रसिद्ध राजनितिज्ञ चाणक्य व बौध विद्वान् वसुबन्धु ने यहीं पर शिक्षा प्राप्त किया था । चीनी यात्री हुएनसांग के भारत आगमन के समय यह केन्द्र उजाड़ हो गया था । इसे विश्व का प्रथम विश्विद्यालय मन जाता है । तक्षशिला गंधार महाजनपद की राजधानी भी थी । इसे यूनेस्को ने विश्व विरासत की सूचि में भी शामिल किया है ।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
2 comments:
इस जानकारी के लिए हार्दिक आभार.
इतिहास और भूगोल के ज्ञान में वृद्धि हुई यह जानकर की विश्व का प्रथम विश्वविद्यालय तक्षशिला रावलपिंडी के पास स्थित था.
चन्द्र मोहन गुप्त.
जयपुर
www.cmgupta.blogspot.com
In virasaton ko kaphi sahej kar rakhne ki jarurat hai.UNESCO ka kadam swagatyogya hai.
Post a Comment